फर्जी विक्रय पत्र से जमीन बेचकर एक करोड़ की ठगी करने वाले पर मुकदमा हुआ दर्ज, सहस्त्रधारा का है मामला।
फर्जी विक्रय पत्र से जमीन बेचकर एक करोड़ की ठगी मुकदमा हुआ दर्ज
देहरादून।
सहस्त्रधारा रोड क्षेत्र में जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार कर लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करने का आरोप सामने आया है। देहरखास निवासी कमल गुप्ता ने आरोप लगाया है कि गांधीग्राम निवासी पदम सिंह राणा ने अधिवक्ता के साथ मिलकर कूटरचित विक्रय पत्र के आधार पर जमीन की खरीद-फरोख्त कर कई लोगों को धोखा दिया। मामले में पुलिस व प्रशासन से जांच कर कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायत के अनुसार ग्राम चक डांडा लखौंड, परगना परवादून, जिला देहरादून स्थित खाता-खतौनी संख्या 172 की भूमि के मूल खातेदार वीर सिंह, मोहन सिंह (पुत्र नारायण सिंह), राजेश (पुत्र बहादुर) और श्रीमती लक्ष्मी देवी (पत्नी मोहन सिंह) बताए गए हैं। आरोप है कि पदम सिंह राणा ने इन खातेदारों की भूमि खसरा नंबर 89, 90, 91 व 92 को एक कथित ट्रस्ट “इंडियन ओवरसीज पीस फाउंडेशन ट्रस्ट, राजपुर रोड देहरादून” के नाम फर्जी विक्रय पत्र दिखाकर अपने कब्जे में लिया।
शिकायत में कहा गया है कि उक्त विक्रय पत्र ट्रस्ट के प्रतिनिधि विकास कुमार पुत्र दयाराम, निवासी मोहकमपुर, देहरादून के नाम से 16 मार्च 2001 को पंजीकृत बताया गया, जबकि सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त जानकारी के अनुसार उस नंबर पर लाजवंती आनंद, विरेंद्र कुमार, वेद रानी, प्रवीण आनंद, रविंद्र कुमार और मदन सिंह रौतेला द्वारा मातवर सिंह बिष्ट पुत्र त्रिलोक सिंह बिष्ट, निवासी थापली, पौड़ी गढ़वाल के नाम विक्रय पत्र दर्ज पाया गया।
आरोप है कि इसी कूटरचित दस्तावेज के आधार पर पदम सिंह राणा ने वर्ष 2007 में अपने नाम जमीन दर्ज कराई और बाद में राजस्व रिकॉर्ड में भी नाम चढ़वा लिया। इसके बाद जमीन के कई हिस्से अलग-अलग लोगों को बेच दिए गए।
शिकायत के अनुसार वर्ष 2022 और 2023 में भी कई लोगों के नाम विक्रय पत्र दर्ज कराए गए। इनमें श्रीमती अंजू पत्नी अतुल कुमार भरतरियां, मोहित अग्रवाल पुत्र सी.एस. अग्रवाल और उनकी पत्नी अंकिता अग्रवाल, श्रीमती बबिता गोयल पत्नी डी.के. गोयल, श्रीमती सुमन सजवान पत्नी अरविंद सिंह तथा सिद्धार्थ गुप्ता पुत्र स्व. आदित्यनाथ गुप्ता के नाम जमीन पंजीकृत कराई गई। इसके अलावा वर्ष 2017 और 2018 में भी कई लोगों को जमीन बेचे जाने का उल्लेख है। इनमें मनोज कुमार बेलवाल पुत्र स्व. ख्याली दत्त बेलवाल, श्रीमती प्रतिमा रानी पत्नी डॉ. कीर्ति वल्लम, जितेंद्र सिंह नेगी पुत्र स्व. शंकर सिंह नेगी, श्रीमती विशाखा वल्लम पत्नी पर्युषण जैन, श्रीमती कुसुम जैन पत्नी स्व. राजकुमार जैन, श्रीमती संगीता पत्नी प्रमोद तथा श्रीमती शोभा गुरूंग पत्नी मोहन सिंह गुरूंग के नाम विक्रय पत्र दर्ज कराए गए बताए गए हैं।शिकायतकर्ता कमल गुप्ता का आरोप है कि पदम सिंह राणा ने उन्हें भी जमीन दिलाने का झांसा देकर 22 अप्रैल 2022 को 1300 वर्ग गज भूमि का अनुबंध किया और उनसे एक करोड़ रुपये ले लिए। बाद में दस्तावेजों की जांच कराने पर कागजात संदिग्ध पाए गए। विरोध करने पर आरोपित ने 50 लाख रुपये लौटाए, जबकि बाकी रकम देने से इनकार कर दिया और धमकी दी।
पीड़ित ने आरोप लगाया है कि पदम सिंह राणा ने कुछ राजस्व कर्मियों और अन्य लोगों के साथ मिलकर एक गिरोह बना रखा है, जो फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमीन की खरीद-फरोख्त कर लोगों को ठग रहा है। मामले में पुलिस जांच कर दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
