महंत यति रामस्वरुपानन्द गिरी महाराज अपने गुरु महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरि महाराज के समर्थन में और यूजीसी काला कानून के विरोध में दहियाकी शिव मंदिर में आमरण अनशन पर बैठे महंत यति रामस्वरूपानंद गिरि

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परम पूज्य गुरुदेव श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा महामंडलेश्वर यति नरसिंहानन्द गिरी महाराज जी के समर्थन में यूजीसी एक्ट काला कानून के विरोध में दहियाकी शिव मंदिर में आमरण अनशन -महंत यति रामस्वरुपानन्द गिरी शिष्य श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा महामंडलेश्वर यति नरसिंहानन्द गिरी

  

यूजीसी एक्ट अर्थात हिन्दुओं के डेथ वारंट पर हिंदू समाज का मौन महाविनाश का संकेत–महंत यति रामस्वरुपानन्द गिरी शिष्य महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी महाराज जी 

 

UGC एक्ट हिंदुओं में फूट डाल कर गज़वा-ए -हिन्द का रास्ता साफ़ करने की अरब की साज़िश मानते हैं महंत यति रामस्वरुपानन्द गिरी शिष्य श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा महामंडलेश्वर यति नरसिंहानन्द गिरी

 

आज दहियाकी शिव मंदिर के महंत यति रामस्वरुपानन्द गिरी महाराज अपने गुरु महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरि महाराज जी के समर्थन में और यूजीसी काला कानून के विरोध में दहियाकी शिव मंदिर में आमरण अनशन पर बैठे महंत यति रामस्वरूपानंद गिरि का कहना है कि कल हमारे गुरुजी डॉक्टर उदिता त्यागी के समर्थन में डासना देवी मंदिर में आमरण अनशन पर बैठे हैं मेरे गुरु मेरे लिए भगवान है ब्रह्मा विष्णु महेश हैं जब मेरे गुरु आमरण अनशन पर बैठे हैं अन्न जल त्याग दिए हैं सभी सनातनी हिंदुओं की रक्षा के लिए बहन बेटियों की अस्तित्व की रक्षा के लिए तो मैं उनका शिष्य कैसे अन्न ग्रहण कर सकता हूं मैं भी आज से आमरण अनशन पर बैठा हूं और मैं भी अन्य ग्रहण नहीं करूंगा यूजीसी एक्ट हमारे अपने सभी बच्चों के लिए हमारे लिए डेट वारंट है यूजीसी एक्ट हम सबके बच्चों के भविष्य को गर्क में डाल देगी।

महंत यति रामस्वरुपानन्द गिरी महाराज का कहना है कि भारत के उच्च स्तरीय गुप्तचर विभाग के अधिकारियों में चर्चा है कि यह यूजीसी एक्ट अरब देशों विशेष रूप से संयुक्त अरब अमीरात की योजनाओं का हिस्सा है।आज वैश्विक इस्लामिक थिंक टैंक का मानना है कि जब तक भारत से ब्राह्मण,क्षत्रिय और वैश्य डी एन ए को नहीं बदला जाएगा तब तक भारत का पूर्ण इस्लामीकरण संभव नहीं है।भारत के इस्लामीकरण के बिना पूरी दुनिया के इस्लामीकरण का लक्ष्य कभी भी पूरा नहीं हो सकता।इतने दमन और अत्याचारों के बाद भी ब्राह्मण, क्षत्रिय और वैश्य समाज सनातन धर्म की ढाल बन कर खड़े थे।अगर यह ढाल हट जाए तो भारत के इस्लामीकरण को कोई नहीं रोक सकता।इसीलिए उन्होंने भारत के मौलानाओं के माध्यम से आर एस एस के नेताओं को अपनी पकड़ में लेकर ये यूजीसी एक्ट लागू करवाया है।वास्तव में यह यूजीसी एक्ट हिन्दू समाज का डेथ वारंट है।

महंत यति रामस्वरुपानन्द गिरी ने हिंदू समाज से मार्मिक अपील करते हुए कहा कि इस षड्यंत्र पर हिंदू समाज का मौन सनातन धर्म के महाविनाश का संकेत है।इतने बड़े षड्यंत्र पर सनातन धर्म को मानने वाला सनातनी हिंदू समाज मौन कैसे रह सकता है?यह षड्यंत्र समूचे हिंदू समाज को जातीय युद्ध की ज्वाला में झोंक देगा।आज जब हिंदू समाज को एकजुट होकर इस्लामिक जिहाद से लड़ना था,ऐसे में यह यूजीसी एक्ट हिंदुओं की सभी जातियों को आपस में लड़ा देगा और हिंदू इस्लामिक गुलामी के चक्रव्यूह में फंस जायेगे।इसी के लिए इतनी बड़ी योजना अरब देशों ने बनाई है।अब भी अगर हिंदू समाज मौन रह गया तो सनातन धर्म को कोई नहीं बचा सकेगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी बार-बार कहते हैं कि हम देवभूमि के देवत्व को संस्कृति सभ्यता को बचाने का कार्य करेंगे और अभी हाल ही में देव भूमि उत्तराखंड के चारों धामों पर गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने का प्रयास कर रहे हैं लैंड जिहाद लव जिहाद पर भी अंकुश लगा रहे हैं ऐसे धर्म रक्षक धाकड़ धामी जी को मैं बहुत-बहुत साधुवाद देता हूं यदि आप यूजीसी कानून को अगर वापस नहीं करवाते हैं तो जब हमारे सनातनी हिंदू ही नहीं बचेंगे बहन बेटियां ही नहीं बचेंगी उनका भविष्य गर्क में चला जाएगा तो क्या देवभूमि उत्तराखंड बचेगी क्या आप सत्ता में रहेंगे। कहीं ऐसा ना हो कि इसका खामियाजा आपको भोगना पड़े। आप जब से देवभूमि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पद पर आसीन हुए हैं तब से आपने देवभूमि उत्तराखंड के संस्कृति सभ्यता को बचाने के लिए अनेकों अनेक कार्य किए हैं इसलिए आपके शत्रु भी कम नहीं है जब आप कुर्सी पर नहीं होंगे तो वह आपको क्या छोड़ देंगे। आप गुजरातियों के बहकावे और झांसें में ना आए आप पर हमें पूर्ण रूप से विश्वास है आप हमारी आवाज को दबने नहीं देंगे।

आज दहियाकी शिव मंदिर महंत यति रामस्वरुपानन्द गिरी के समर्थन में कोकीलानंद गिरी, चौधरी अनुज बेनिवाल, प्रदीप धीमान, प्रदीप चौधरी आदि उपस्थित रहे।

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