2027 के विधानसभा चुनाव के लिए चौबट्टाखाल से कांग्रेस नेता कविंद्र इष्टवाल ने सतपाल महाराज के खिलाफ ठोकी दावेदारी।
उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज होती जा रही हैं। चौबट्टाखाल विधानसभा सीट से कांग्रेस नेता और प्रदेश महासचिव कवीन्द्र इष्टवाला ने चुनाव लड़ने की दावेदारी पेश कर दी है। इष्टवाला का दावा है कि क्षेत्र की जनता बदलाव चाहती है और कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के खिलाफ लोगों में नाराज़गी बढ़ रही है। हालांकि भाजपा का कहना है कि सतपाल महाराज के नेतृत्व में क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास कार्य हुए हैं और जनता एक बार फिर भाजपा पर भरोसा जताएगी।
चौबट्टाखाल विधानसभा सीट पर कांग्रेस ने अभी से चुनावी तैयारी तेज कर दी है। कांग्रेस प्रदेश महासचिव कवीन्द्र इष्टवाला ने खुलकर टिकट की दावेदारी जताते हुए कहा कि वह लंबे समय से क्षेत्र की जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं को उठा रहे हैं। उनका कहना है कि सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार जैसे बुनियादी मुद्दों पर क्षेत्र की अनदेखी हुई है, जिससे लोगों में नाराज़गी है।
इष्टवाला का दावा है कि चौबट्टाखाल की जनता इस बार बदलाव के मूड में है और कांग्रेस पूरी ताकत के साथ चुनाव मैदान में उतरेगी। दूसरी ओर, यह सीट भाजपा के लिए भी अहम मानी जाती है, क्योंकि यहां से कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज विधायक हैं। भाजपा का कहना है कि सरकार ने क्षेत्र में सड़क, पेयजल, पर्यटन और अन्य विकास कार्यों को प्राथमिकता दी है और विपक्ष के आरोप निराधार हैं। 2027 के विधानसभा चुनाव में अभी समय है, लेकिन चौबट्टाखाल सीट पर कांग्रेस की ओर से दावेदारी ने राजनीतिक माहौल गर्मा दिया है। अब देखना होगा कि कांग्रेस इस सीट से किस पर भरोसा जताती है और भाजपा अपने इस मजबूत गढ़ को बचाने के लिए क्या रणनीति अपनाती है।
